नई दिल्ली, फरवरी 28 -- भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि भारत का मध्यस्थता ढांचा काफी परिपक्व हो चुका है, फिर भी विश्वास कायम करने, संस्थागत क्षमता मजबूत करने और योग्य मध्यस्थ पेशेवर तैयार करने में महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं। अहमदाबाद में गुजरात हाईकोर्ट मध्यस्थता केंद्र (जीएचएसी) की आधारशिला रखने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भारत को विश्व के अग्रणी मध्यस्थता केंद्रों के मानकों और उन पक्षों की वैध अपेक्षाओं के अनुरूप खुद को आंकना चाहिए, जो मुकदमेबाजी से बेहतर और तेज समाधान की उम्मीद में मध्यस्थता का विकल्प चुनते हैं। उन्होंने इसी कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के संबोधन का उल्लेख किया, जिसमें मुख्यमंत्री ने भारत के कानूनी और न्यायिक ढांचे, खासकर गुजरात जैसे राज्य के लिए संस्थागत मध्यस्थता क...