देशभर से जुटे कवियों ने ओज, हास्य, मैथिली रचना प्रस्तुत कर किया मंत्रमुग्ध
बेगुसराय, सितम्बर 27 -- बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। 'चाहे रहने को छप्पर दे चाहे रोटी गिनकर दे पर वाणी में ओज दे इतना घनी रात में दिन कर दे'।कवि डॉ. अशोक बत्रा ने अपने कविता पाठ प्रस्तुत कर खूब ताली बटोरी। राष्ट्रीय कवि संगम बेगूसराय इकाई द्वारा दिनकर जयंती सप्ताह के अवसर पर वन्दे मातरम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन वीणा वैंक्वेट हॉल सिंघौल में शनिवार की देर शाम आयोजित किया गया। यह भी पढ़ें- देशभर से जुटे कवियों ने ओज, हास्य, मैथिली रचना प्रस्तुत कर किया मंत्रमुग्धकवियों की प्रस्तुति कवि अटल नारायण ने अपनी पंक्ति जागो जागो जागो जागो जागो भारत भाग्य विधाता पाठ किया। कवि अविनाश बन्धु ने सत्ता मद में चूर हुई तब आपने था हुंकार भरा,आपने बीच सभा में ही था सत्ता को ललकार दिया। जय जय दिनकर जय की कविता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्तर प्रद...
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