नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। देशभर में भूजल के अत्यधिक दोहन पर चिंता जताते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने पाया कि भूजल संरक्षण के लिए बने नियम जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए एनजीटी ने एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेथिल वेल व अफरोज अहमद की पीठ ने कहा कि केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अवैध भूजल दोहन रोकने और जलस्तर सुधारने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि इंडो-गंगेटिक बेसिन के कई इलाके पहले ही भूजल के खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके हैं, जबक...