कानपुर, जनवरी 3 -- देशभर के खेतों में अब कानपुर की सरसों लहलहाएगी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) की सरसों की नई प्रजाति गोवर्धन का भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत केंद्रीय बीज समिति ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस प्रजाति के बीजों की बिक्री अब देशभर में की जा सकेगी और किसानों इसका उत्पादन कर सकेंगे। यह प्रजाति अतिविलंब परिस्थिति (20 से 30 नवंबर) की दशा में भी उपयुक्त है। सीएसए विवि के वैज्ञानिक डॉ. महक सिंह ने सरसों की नई प्रजाति गोवर्धन विकसित की है। इसका वैज्ञानिक नाम केएमआर एल 17-5 है। यह प्रजाति देशभर में उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा गेम-चेंजर साबित होगी। डॉ. सिंह ने बताया कि इसमें तेल की मात्रा 39.6 फीसदी है। वहीं, यह फसल 120 से 125 दिन में पककर तैयार हो जाती है। यह प्रजाति अन्य राष्ट...