देवोत्तर संपति से कब्जेदारों को बेदखल करने की उठाई मांग
वाराणसी, अप्रैल 15 -- वाराणसी। चंदुआ छित्तूपुर में देवोत्तर संपति को कब्जेदारों से मुक्त कराने की मांग उठने लगी है। शिव मंदिर के पुजारी रहे स्व. दशरथ पांडेय की पुत्री दुर्गा देवी ने शासन और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया है। उन्होंने प्रेसवार्ता कर बताया कि हरिकिशन ने अपनी संपति भगवान शिव के नाम अर्पित कर दी थी। उक्त ब्यौरा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। 1960 के बाद मंदिर की देखरेख और पूजा पाठ के लिए स्व. दशरथ पांडेय को पुजारी नियुक्त किया गया था। दुर्गा ने आरोप लगाया कि वर्ष 1971 में पड़ोसी सीताराम सोनकर ने देवोत्तर संपति को राजस्व रिकॉर्ड में अपने नाम दर्ज करा लिया। जिसके खिलाफ पुजारी पक्ष ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने स्टे का आदेश दिया है। दुर्गा देवी ने गुहार लगाई कि उक्त संपति को पुनः शिवजी के नाम घोषित किया जाए। साथ ही अ...
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