बाराबंकी, मार्च 1 -- देवा शरीफ। देवा में रमजान शरीफ के मौके पर सहरी के लिए रोजदारों को रातों में जगाने वाले लोगों की पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन रवायत नहीं बदली। आज भी रोजेदार जागो कि सदाएं लगाकर रोजदारों को जगा कर सवाब लूट रहे हैं। हाजी वारिस अली शाह की पाक सरजमी देवा शरीफ में रमजान शरीफ के मौके पर रोजदारों को जगाने का सिलसिला सदियों से चला आ रहा है। आज कल रोजदारों को रात में आवाज दे कर पूरे कस्बे में घूमघूम कर जगाने वाले ईदू, शफीक, शकील व इस्तियाक एक और दो बजे रात में रोजदारों को जगाने का सबाब ले रहे हैं। टीम के लोग कहते हैं कि वह बिना किसी लालच के रोजदारों को जगाते हैं। पहले उनके दादा परदादा रोजेदारों को जगाने का काम करते थे, अब वह सिलसिलेवार कई वर्षों से कर रहे हैं। सूनसान रातो में उन्हें डर नही लगता है। शफीक कहते हैं की ईद के मौके पर लोग ...
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