धनबाद, जुलाई 26 -- देवशयनी एकादशी शनिवार को श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इसके साथ ही चातुर्मास का शुभारंभ हो गया। सनातन परंपरा के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और अगले चार माह तक सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। इसी कारण इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन, नए भवन का शुभारंभ और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। धार्मिक मान्यता है कि देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने के बाद ही पुनः शुभ कार्य शुरू होते हैं। मंदिरों में शनिवार को देवशयनी एकादशी पर विशेष पूजा-अर्चना, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान विष्णु से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। इस्कॉन धनबाद के उपाध्यक्ष गोविंद दास कहते हैं कि चातुर्मास आत्मसंयम, साधना, जप,...