नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- UP News: यूपी के देवरिया निवासी लिवर की गंभीर बीमारी से पीड़ित बुजुर्ग के समय पर समुचित इलाज नहीं मिला। अस्पतालों के चक्कर काटने में उनकी जिंदगी चली गई। परिवारीजनों का आरोप है कि देवरिया से लेकर लखनऊ तक 300 किमी कई अस्पतालों में वेंटिलेटर को लेकर भटकते रहे। इसमें मरीज का कीमती समय गुजर गया। बलरामपुर अस्पताल में मरीज को बड़ी मुश्किलों में आईसीयू में बेड मिला। इलाज के कुछ समय बाद ही मरीज की सांसें थम गईं। देवरिया निवासी पारथ नाथ पांडेय (65) को सांस लेने में तकलीफ थी। पीलिया भी था। परिवारीजनों ने पहले उन्हें गोरखपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। तीन दिन तक भर्ती रहने के दौरान हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर होने पर परिवारीजन बुधवार को मरीज को लेकर लखनऊ पहुंचे। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां करीब एक घं...