देवघर, अक्टूबर 3 -- जसीडीह। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में डॉक्टरों के पारंपरिक क्लिनिकल कौशल को कैसे संरक्षित रखा जाए, इस मुद्दे पर देशभर के हृदय रोग और मधुमेह विशेषज्ञों ने देवघर में मंथन शुरू किया है। जसीडीह अवस्थित मैहर गार्डन रिसॉर्ट में शुक्रवार को क्लिनिकल कार्डियोडायबिटिक सोसाइटी ऑफ इंडिया के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। 2 से 4 अक्टूबर तक चलने वाले सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 400 डॉक्टर और 90 से अधिक चिकित्सा विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य विषय एआई के युग में क्लिनिकल कौशल का संरक्षण है। कार्यक्रम की शुरुआत सुजलाम-सुफलाम और वंदे मातरम के गायन से हुई। उसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया। आयोजन समिति के सचिव डॉ. डी. तिवारी ने कहा कि देव...