मेरठ, मई 25 -- असौड़ा हाउस शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती में आयोजित श्रमण संस्कार शिविर में श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों को जैन धर्म के मूल सिद्धांतों का ज्ञान दिया गया। पंडित सर्वज्ञ शास्त्री ने श्रावक धर्म के महत्वपूर्ण सिद्धांतों को बताया। प्रवचन करते हुए कहा कि सच्चे देव, शास्त्र और गुरु की पहचान जैन धर्म में सम्यग्दर्शन का आधार इन्हीं तीनों में शुद्ध श्रद्धा है। यदि साधक इनकी सही पहचान नहीं कर पाता, तो वह धर्ममार्ग से विचलित हो सकता है। सच्चा देव वही है जो राग, द्वेष और मोह से पूर्णतः मुक्त हो और जिनकी वाणी समता, अहिंसा और सत्य पर आधारित हो। सच्चा शास्त्र वह है जो आत्मकल्याण, संयम, अहिंसा और मोक्षमार्ग का उपदेश दे और जीव अजीव और कर्म सिद्धांत का यथार्थ स्वरूप स्पष्ट करे। यह भी पढ़ें- श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर बना धर्म और संस्क...