मुरादाबाद, मई 22 -- जानकारी के अभाव में व पोस्टमार्टम नहीं करवाने से आपदा की चपेट में आने वाले तमाम लोग मुआवजे से वंचित रह जाते हैं। चौदह मई को आंधी तूफान के दौरान दो लोगों की मौत हुई थी। इनमें किसी को भी मुआवजा नहीं मिला। मुआवजे में चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है। आपदा में डूबने से, नीलगाय, सांड अथवा अन्य जंगली जानवर के हमले समेत कई मदों में मुआवजा देय है। हकीकत यह कि जानकारी के अभाव में तमाम लोगों को मुआवजा नहीं मिल पाता। इससे पूर्व में प्रकाशित आंकड़ों में पिछले वित्तीय वर्ष में पचास फीसदी लोग आपदा का शिकार होने के बाद मुआवजे से वंचित रह गए। गुजरी 14 मई को डिलारी ब्लाक तहसील ठाकुरद्वारा के गांव वाजिदपुर में तेज आंधी से छज्जा गिरने से दबकर 40 वर्षीय छोटे खां की मौत हो गई थी। इसी तरह बिलारी में एक व्यक्ति की आँधी में टूटे पड़े बि...