गाजीपुर, मार्च 3 -- जमानियां। माह-ए-रमजान के दौरान जरूरतमंदों में राहत सामग्री और दान तकसीम करने की परंपरा है, ताकि निर्धन परिवार भी ईद का त्योहार खुशी से मना सकें। इस अवसर पर शमसुन निशा और मोहम्मद गुलाम रसूल ने कहा कि इस्लाम मानव कल्याण और रहमत का संदेश देता है। उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए बताया कि हजरत मोहम्मद ने फरमाया, तुम जमीन वालों पर रहम करो, आसमान वाला तुम पर रहम फरमाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो दूसरों पर रहम नहीं करता, उस पर अल्लाह भी रहम नहीं करता। इस्लाम में दान देते समय किसी धर्म विशेष की बाध्यता नहीं है। कुरआन में अल्लाह को रब्बुल आलमीन कहा गया है, यानी वह समस्त संसार का पालनहार है। उन्होंने अपील की कि लोग आपसी भाईचारे और करुणा का व्यवहार अपनाएं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.