दूसरों से सीखिए, लेकिन किसी की नकल मत कीजिए; स्वामी विवेकानंद की ये सीख बदल देगी सोच
नई दिल्ली, सितम्बर 18 -- जिंदगी में हम सभी किसी ना किसी से प्रभावित होते हैं। कोई अपने माता-पिता से कुछ सीखता है, कोई शिक्षक से, तो कोई किसी सफल व्यक्ति को देखकर आगे बढ़ने की कोशिश करता है। दूसरों की अच्छी आदतों और विचारों से सीखना गलत नहीं है। परेशानी तब शुरू होती है, जब हम सीखने के बजाय उसी व्यक्ति की नकल करने लगते हैं। स्वामी विवेकानंद की एक सीख इसी बात की ओर ध्यान दिलाती है। उनका संदेश था - 'दूसरों से जो भी अच्छा है, उसे सीखो, लेकिन उसे अपनी तरह से अपनाओ, किसी और जैसे मत बनो।' इस विचार में सीखने के साथ-साथ अपनी पहचान बनाए रखने की बात भी कही गई है।दूसरों की अच्छाइयों से सीखना जरूरी है हर इंसान के पास कुछ ना कुछ ऐसा जरूर होता है, जिससे हम सीख सकते हैं। किसी का अनुशासन अच्छा हो सकता है, किसी की मेहनत, किसी का धैर्य तो किसी की सोचने का तर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.