गोरखपुर, अगस्त 23 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। सेंट एंड्रयूज कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं आचार्य डॉ. सुशील कुमार तिवारी ने कहा कि युवावस्था व्यक्ति के जीवन का वह महत्वपूर्ण चरण है, जब वह यह तय करने का प्रयास करता है कि वह वास्तव में कौन है, उसके जीवन का उद्देश्य क्या है और भविष्य में उसे किस दिशा में आगे बढ़ना है। करियर, शिक्षा, सामाजिक भूमिका, राजनीतिक एवं धार्मिक विचार, जीवन-मूल्य तथा भविष्य की योजनाओं को लेकर असमंजस की स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो यही पहचान संकट का रूप ले लेती है। प्रो. तिवारी शनिवार को महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़ में राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि की स्मृति में आयोजित सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला के पांचवें दिन 'युवावस्था में पहचान संकट की समस्या और उससे न...