प्रयागराज, जनवरी 8 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। लोगों की सुरक्षा की चौबीस घंटे जिम्मेदारी उठाने वाले पुलिसकर्मी और उनके परिवार खुद ही असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पिछले कई वर्षों से जर्जर सरकारी आवासों में हर रात डर के साये में काटनी पड़ती है। इन आवासों की छत और दीवार जहां जर्जर हो चुकी हैं, तो वहीं बरसात के मौसम में स्थिति और भी नारकीय हो जाती है। पुलिसकर्मियों के परिजनों का कहना है कि कई बार जर्जर आवासों की शिकायत की जा चुकी हैं लेकिन, विभागीय आलाधिकारियों ने शिकायतों के बावजूद आवासों की मरम्मत तो दूर आज तक सुधि तक नहीं ली। प्रयागराज पुलिस विभाग को कमिश्नरेट बने तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है। कमिश्नरेट के दायरे में आने के बाद पुलिसकर्मियों की दशा में बदलाव की उम्मीद थी। कमिश्नरेट बनने के बाद कानून व्यवस्था से जुड़े कार्यों के तौर...
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