हापुड़, मार्च 20 -- सिंभावली,गढ़,बहादुरगढ़ आदि क्षेत्र के गांवों में दूसरे नवरात्रे पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चाना की गई। सुबह से मंदिरों में पूजा पाठ करने के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी हुई थी। पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी का है। मां का यह रूप शांत, सौम्य और मोहक का प्रतीक है। मां ब्रह्मचारिणी का पूजन करने वाले भक्तों के मन में शांति, सौम्यता और त्याग जगाता है। उन्होंने मंदिर आए भक्तों का व्रत के दौरान एक मंत्र भी बताया। दधांना कर पहाभ्यामक्षमाला कमण्डलम। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।इस मंत्र के साथ मां के इस रूप को पूजने से व्यक्ति को तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार व संयम जैसे गुणों की प्राप्ति होती है जो उसको जीवन में ...