नई दिल्ली, अप्रैल 21 -- ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं हैं। ट्रंप की हां-ना और ईरानी दल के बयानों के बीच सारी चीजें झूल रही हैं। अब दो हफ्तों का संघर्ष विराम भी खत्म होने वाला है। वहीं, ट्रंप की धमकियों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कह दिया है कि हमारे पास ज्यादा वक्त नहीं है। साथ ही उन्होंने शांति वार्ता में अमेरिका का पलड़ा भारी होने की बात कही है। एक सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर शांति वार्ता को टालते रहने के पीछे ईरान का मकसद क्या हो सकता है? इसके अलावा इन संभावनाओं को भी टटोलना होगा कि अगर सीजफायर खत्म हो जाता है तो इसके परिणाम कैसे हो सकते हैं...आइए समझते हैं... क्या शांति वार्ता होगी?फिलहाल इसी पर पेच फंसा हुआ है। अमेरिका और ईरान दोनों ही बातचीत का स...
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