नई दिल्ली, जनवरी 24 -- स्मार्टफोन और स्क्रीन की इस चकाचौंध वाली दुनिया में, आज ज्यादातर पेरेंट्स की अपने बच्चों से यही शिकायत है कि उनका मन किताबों से ज्यादा रील्स देखने में लगता है। पेरेंट्स अकसर एक्सपर्ट से यह सवाल करते हुए नजर आते हैं कि वो ऐसा क्या करें कि उनके बच्चे किताब हाथ में लेकर पढ़ने के लिए खुद बैठ जाएं। अगर आप भी इस सवाल का जवाब अपने बच्चे के लिए जानना चाहते हैं तो सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि किताबें सिर्फ अक्षरों का ढेर नहीं, बल्कि वो जादुई खिड़कियां हैं जो बच्चे को बिना हिले-डुले पूरी दुनिया की सैर करा सकती हैं। लेकिन उनका यह सफर डांट-डपट से नहीं, बल्कि साथ बैठकर पन्ने पलटने और उन कहानियों में साथ खो जाने से शुरू होता है। आइए जानते हैं वो 5 असरदार तरीके जो कम उम्र से ही आपके बच्चे में किताबों के लिए प्यार को जगा देंगे।...