नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- साल की शुरुआत में आई-पैक के को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पर पड़े ईडी के छापे और उसके बाद ममता बनर्जी द्वारा कथित बाधा उत्पन्न किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट में फिर से सुनवाई हुई। कोर्ट ने गुरुवार को अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि संवैधानिक तंत्र के ठप होने के तर्क के काफी दूरगामी नतीजे होंगे, क्योंकि इससे राष्ट्रपति शासन भी लग सकता है। हालांकि, ईडी ने साफ किया कि वह यह तर्क नहीं दे रहा है कि पश्चिम बंगाल में पूरी तरह से संवैधानिक तंत्र ठप हो गया है। लाइव लॉ के अनुसार, सॉलिसिटर जनरल ने साफ किया कि ईडी का तर्क यह था कि I-PAC मामले में कानून के शासन का उल्लंघन हुआ है, और इसे संवैधानिक तंत्र की विफलता के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। इससे पहले, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए कहा थ...
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