देहरादून, अगस्त 22 -- राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। एनाटॉमी विभाग के एक प्रथम वर्ष के पीजी डॉक्टर ने अपने ही विभाग के तृतीय वर्ष के सीनियर डॉक्टरों पर लगातार टॉक्सिक व्यवहार करने, डराने-धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सीनियर्स की इस प्रताड़ना से आजिज आकर जूनियर डॉक्टर ने सीधे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से गुहार लगाई है। बताया गया है कि हाल ही में 19 अगस्त को घटना हुई। आरोप है कि एनाटॉमी विभाग के डिसेक्शन हॉल में ड्यूटी के दौरान पीजी प्रथम वर्ष के छात्र ने एक कॉमन ग्लास से पानी पी लिया था, जिसका इस्तेमाल वहां मौजूद सभी लोग करते थे। पीड़ित का आरोप है कि इसी बात पर सीनियर भड़क गए और उसे धमकाया, प्रताड़ित किया गया। एक मनगढ़ंत कहानी बनाकर उसी के खिलाफ एचओ...