देहरादून, मई 26 -- दून मेडिकल कॉलेज में मैथ्स फर्जीवाड़े में जो मेस का खाता था, उसमें कई बाहरी व्यक्तियों के द्वारा भी लाखों रुपए डलवाने की पुष्टि जांच में हुई है। डेढ़ से दो साल के भीतर कई लोगों ने इसमें लाखों के भुगतान किए हैं। कई ट्रांजेक्शन तो ऐसे सामने आए हैं कि एक ही दिन में रुपए जमा कराए गए और एक ही दिन में मेस संचालक को भुगतान हो गया और कई बार यह खाता माइनस में भी गया। यानि सब मिलीभगत से यह खेल चल रहा था। अब कॉलेज प्रबंधन और वित्त अनुभाग पर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर दो साल तक इस खाते का कोई ऑडिट क्यों नहीं कराया गया? अधिकारियों को यह क्यों नहीं पता चला जबकि हॉस्टल वार्डन के बाद बड़े अधिकारी ही चेक पर फाइनल साइन करते थे। इस जांच में यह स्पष्ट हो रहा है कि मैनेजर और लेखा अनुभाग की मिली भगत से खाते में हेरा फेरी हो रही थी। कई डॉक्ट...