फतेहपुर, मार्च 22 -- औंग। एलपीजी की चल रही किल्लत के कारण कामर्शियल सिलेंडर की आमद वर्तमान में निल हो चुकी है। नतीजन नामी गिरामी दुकानों व रेस्टोरेंट संचालक डीजल ब्यॉलर व कोयला भट्ठियों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन इनमें भी महंगाई होने से जहां लागत पर असर पड़ रहा है, वहीं प्रोडेक्शन भी प्रभावित हो रहा है। जिससे काम में लगे वर्करों की भी छंटाई भी शुरू कर दी गई है। वर्तमान में दूध से महंगा ईंधन होने के कारण यहां से चाय-कॉफी भी गायब हो चुकी है। क्षेत्र के एक नामी गिरामी पेड़ा भंडार व स्वीट हाउस पर यूं तो ग्राहकों की भीड़ लगती रही है। लेकिन खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण गैस की आमद प्रभावित होने के साथ ही कामर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति ठप है। जिससे दुकान का प्रोडेक्शन भी प्रभावित हो रहा है। यहां पर बनने वाले पेड़ा सहित फास्ट फूड व अन्य आइटम पर...