झांसी, अगस्त 24 -- झांसी। बीते साल आठ साल की दलित मासूम बच्ची को घर से ले जाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया था। वहीं सोमवार दोष सिद्ध हुआ है। अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 50 हजार रुपए अर्थदण्ड भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) विजय सिंह कुशवाहा एवं प्रीति चतुर्वेदी के ने बताया कि बीते साल 03 जनवरी को थाना एरच में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पिता के साथ मजदूरी करने के लिए एक गांव गया था। उसकी पत्नी व पीड़िता उम्र करीब 8 वर्ष घर पर अकेली थी। दोपहर करीब 12-01 बजे उसकी पत्नी बाड़े में जानवरों को पानी व भूसा डालने के लिए चली गई तो घर पर पीड़िता अकेली थी। तभी उसके ही गांव का राजकुमार पीड़िता को बहला-फुसला...