दुश्मनों को उन्हीं की राइफल से ढेर कर पाई कारगिल युद्ध में विजय
बुलंदशहर, जुलाई 25 -- बुलंदशहर। कारगिल युद्ध में 17 गोलियां लगने के बाद भी अदम्य साहस का परिचय देने वाले उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के गांव औरंगाबाद अहीर के निवासी कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव को महज 19 वर्ष की आयु में सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र मिला। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर हिन्दुस्तान से विशेष बातचीत में उन्होंने कारगिल युद्ध का पूरा वाकया सुनाया। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या में सेना के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से सबसे कम उम्र में सम्मानित किए गए जाबांज बुलंदशहर के लाल योगेन्द्र सिंह यादव आज भी युद्ध के क्षणों को याद कर कभी भावुक तो कभी उद्वेलित हो उठते हैं। साथियों को खोने का गम है वहीं, दुश्मनों को मार गिराने की खुशी भी。 यह भी पढ़ें- शहीद पति की याद में पत्नी ने खुद बनवाया शहीद स्थलकारगिल युद्ध की कहानी क...
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