अलीगढ़, जुलाई 29 -- अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता। भगवान शिव की भक्ति का सबसे पवित्र महीना सावन इस बार श्रद्धालुओं के लिए कई मायनों में खास रहने वाला है। करीब 23 साल बाद सावन में ऐसा दुर्लभ और कल्याणकारी महासंयोग बन रहा है। सावन के पहले दिन आयुष्मान और सौभाग्य योग का सुंदर निर्माण हो रहा है। श्रवण नक्षत्र और गुरूवार का सयोग यानि हरि-हर की संयुक्त पूजा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही गुरू, शुक्र एवं चंद्रमा की युति से दशकों बाद अत्यंत शुभ त्रिग्रही योग भी बन रहा है। वहीं जब नागपंचमी सोमवार के दिन पड़ रही है। इस विशेष संयोग को सोमवती नागपंचमी कहा जाता है, जिसका हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और फलदायी महत्व माना गया है। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि, अ...