मिर्जापुर, अप्रैल 28 -- जिगना। क्षेत्र के गोनौरा गांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित भागवत कथा के चौथे दिन प्रयागराज से पधारे कथावाचक संतोष दास महराज ने कहा कि दुर्योधन की हठधर्मिता के कारण कुरुक्षेत्र युद्ध का मैदान बना। कथावाचक ने कहा, द्वापर में एक दुर्योधन था, कलयुग में हर घर में दुर्योधन हैं। बस जरूरत है कि पुत्र मोह में धृतराष्ट्र मत बन जाना। महराज जी ने श्रोता भक्तों का मनुहार करते हुए कहा कि बनना तो विदुर बन जाना, युधिष्ठिर बन जाना। संगीतमय कथा में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोता भक्तों को सलाह दिया कि हमारे धर्मग्रंथ परिवार व समाज को एक माला में पिरोने की सीख देते हैं। मंदिर में भगवान की आराधना कर सेवा, सत्कार व सदभावना का गहना मांगना। जिस दिन यह मिल गया नश्वर काया भी कांतिमान हो जाएगी। धर्म- कर्म का मर्म समझाते हुए महराज जी ...
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