वाराणसी, मार्च 7 -- ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर काशी से लखनऊ के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है। शनिवार को काशी से रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी हुई सरकार के सामने गौमाता की रक्षा के लिए धर्मयुद्ध करना पड़ रहा है। शंकराचार्य ने कहा कि अब धर्मयुद्ध शुरू हो चुका है। जिस जिले से यह यात्रा गुजरेगी, वहां के सांसद और विधायक को यह बताना होगा कि वे गौमाता के पक्ष में हैं या विरोध में।11 मार्च को लखनऊ में जनसभा करेंगे उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र सभी गौमाता की रक्षा चाहते हैं और इस धर्मयुद्ध में समाज के सभी वर्ग जुड़ रहे हैं। उन्होंने इस अभियान को "गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा"...