वाराणसी, अप्रैल 6 -- वाराणसी। दनु वश में दुर्ग नामक अत्याचारी दावन का वध करने से देवी कात्यायनी का नाम दुर्गा पड़ा। उस दानव ने इंद्र को भी हटाकर राजपाठ छीन लिया। ये बातें साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने डाफी स्थित आशीर्वाद वाटिका में हो रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के आठवें दिन रविवार को कहीं। उन्होंने कहा कि परेशान देवता मां आदिशक्ति की शरण में गए। नौ दिनों तक देवी भागवत का पारायण किया। मां आदि शक्ति प्रसन्न होकर मां कात्यायनी के रूप में प्रकट हुईं। देवताओं की गुहार पर उन्होंने दुर्ग नामक दानव का वध किया। तब से उनका नाम दुर्गा हो गया।

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