सीवान, जून 22 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। प्रखंड के फलपुरा पंचायत स्थित मां काली मंदिर परिसर आयोजित नौ दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन शनिवार को महाराजगंज से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक चंद्रभान द्विवेदी उर्फ केन बाबा ने मधु-कैटभ वध व आदि शक्ति दुर्गा की महिमा की कथा सुनायी। कहा कि सृष्टि के प्रारंभ में जब चारों ओर जल ही जल था, तब भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में लीन थे। इसी समय उनके कानों के मैल से मधु और कैटभ नामक दो अत्यंत बलशाली असुर उत्पन्न हुए।

असुरों का प्रकट होना दोनों असुरों ने कठोर तप कर आदि शक्ति महामाया से वरदान प्राप्त किया और अत्यंत पराक्रमी बन गए। उनके अत्याचारों से देवता तथा ब्रह्माजी भी भयभीत हो उठे। जब मधु और कैटभ ब्रह्माजी का वध करने के लिए आगे बढ़े, तब ब्रह्माजी ने भगवान विष्णु की निद्रा का कारण बनी योगमाया...