दुमका, मार्च 6 -- दुमका। प्रतिनिधि दुमका जिला अंतर्गत दुमका प्रखंड के गरडी गांव में ग्रामीणों द्वारा बाहा पर्व अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बाहा पर्व तीन दिनों तक मनाया जाने वाला पारंपरिक आदिवासी पर्व है। इसके प्रथम दिन को जाहेर दाप माह, द्वितीय दिन को बोंगा माह तथा तृतीय एवं अंतिम दिन को शरदी माह कहा जाता है। इस अवसर पर ग्रामीण गांव के नायकी (पुजारी) को उनके आंगन से पारंपरिक नृत्य-गान के साथ जाहेर थान तक लेकर गए। वहां पहुंचने के बाद नायकी ने बोंगा दारी (पूज्य वृक्ष) सारजोम (सखुआ) पेड़ के नीचे स्थित पूजा स्थलों का गोबर और जल से शुद्धिकरण किया, जिसे गेह-गुरिह कहा जाता है। इसके पश्चात सिंदूर एवं काजल अर्पित कर मातकोम (महुआ) तथा सारजोम (सखुआ) के फूल चढ़ाए गए और जाहेर ऐरा, मारांग बुरु, मोड़ेकू-तुरुयकू, धोरोम गोसाई आदि इष्ट दे...