दुमका एवं संताल परगना की समृद्ध आदिवासी कला-संस्कृति को मिली राष्ट्रीय पहचान
दुमका, जून 14 -- दुमका प्रतिनिधि। झारखंड की कला, संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। अब तक झारखंड के केवल एक उत्पाद को ही भौगोलिक संकेतक प्राप्त था, लेकिन भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा देशभर में (जी .आई.) मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. रजनीकांत के अथक प्रयासों से झारखंड के कई महत्वपूर्ण पारंपरिक उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जी.आई.) सम्मान के लिए स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह भी पढ़ें- वैश्विक पहचान: नालंदा की 'बावन बूटी' कला को मिला जीआई टैगदुमका चादर बादोनी पपेट्स का योगदान फोटो-13दुमका-68,कैप्सन-जीआई मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. रजनीकांत साथ अमित सिंह एवं श्रेया संस्था के कर्मी तथा शिल्पी यह भी पढ़ें- छऊ कला की विरासत को संजोने के लिए प्रतिबद...
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