नई दिल्ली, मई 8 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में 30 फीसदी से अधिक का उछाल आया है जिसके चलते ज्यादातर देशों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी की है। यह बढ़ोत्तरी 25-35 फीसदी के बीच हुई है। लेकिन भारत में अभी तक पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की कीमतें नहीं बढ़ी हैं। लेकिन जिस प्रकार यह संकट बदस्तूर कायम है, उसके चलते सरकार के लिए आगे भी कीमतों पर काबू रख पाना संभव नहीं होगा। इसलिए यह अटकलें हैं कि अगले कुछ दिनों में पेट्रोलयिम उत्पादों की कीमतों में कुछ बढ़ोत्तरी हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमतें 70 डालर प्रति बैरल के करीब थी जो अब 100 डालर प्रति बैरल पार कर चुकी हैं। कच्चे तेल की कीमतें 30 फीसदी से ...
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