नई दिल्ली, मार्च 22 -- हिंदी सिनेमा का एक दौर था जब फिल्मों की कहानी के साथ म्यूजिक में भी बड़ा बदलाव आ रहा था। 1960 के दशक से लेकर 80 दशक तक म्यूजिक कंपोजर ने ऑडियंस की पसंद के हिसाब से गीत बनाए। गीतकारों ने अपनी आत्मा इन गीतों को बनाने के लिए शब्दों में उतार दी। ऐसा ही एक गीत 1986 में आई राजेश खन्ना की फिल्म ने दिया जो आज की ऑडियंस के लिए भी रिलेवेंट माना जाता है। इस उदासी भरे गाने ने उस समय की ऑडियंस को भी प्रभावित किया था और आज भी लोगों को दर्द से बचने का रास्ता लगता है। इस गीत के बोल थे 'दुनिया में कितना गम है, मेरा गम कितना कम है'। आत्मा को शांति और सुकून देने वाले इस गाने को जानते हैं किस गीतकार ने लिखा था? इस गाने को गाने वाले सिंगर को तो वो पहचान ही नहीं मिली जिसके वो हक़दार थे।अमृत फिल्म का वो गाना 1986 में राजेश खन्ना और स्मिता प...
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