दुनिया मान रही 'महाभारत' का लोहा, 3 भारतीय ग्रंथों को UNESCO ने अपने रजिस्टर में जोड़ा
नई दिल्ली, नवम्बर 6 -- दुनिया का सबसे बड़ा महाकाव्य और ऐतिहासिक, धार्मिक ग्रंथ महाभारत समेत तीन ग्रंथों की पांडुलिपियों को यूनेस्को ने अपने स्मृति रजिस्टर में शामिल किया है। महाभारत के अतिरिक्त इस सूची में कल्हण द्वारा 12वीं सदी में रचित ऐतिहासिक ग्रंथ 'राजतरंगिणी', और शासन तथा राज्य-संचालन पर आधारित कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' का नाम शआमिल है। इन ग्रंथों को यूनेस्को के 'मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर' में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पीआईबी संस्कृति ने 'एक्स' पर यह घोषणा की और यूनेस्को प्रमाणपत्रों की तस्वीरें साझा कीं। उसने कहा, "भारत के लिए अत्यंत गर्व का क्षण! राजतरंगिणी, महाभारत और अर्थशास्त्र को यूनेस्को के 'मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर' में शामिल किया गया है। यह भारत की स...
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