नई दिल्ली, मार्च 24 -- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू हुए तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है। इस संघर्ष ने विश्व स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है क्योंकि युद्ध ने हमारे व्यापार मार्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों की नियमित आपूर्ति बाधित हो रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई जहाज फंस गए हैं, जिन पर बड़ी संख्या में भारतीय कर्मी सवार हैं। सरकार इनकी सुरक्षा और निकासी के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए 41 देशों से ऊर्जा आयात किया जा रहा है। यह भी पढ़ें- जगदीप धनखड़ पर था ED का दबाव, इसलिए दिया इस्तीफा; पूर्व...
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