बांदा, अप्रैल 5 -- बांदा । संवाददाता गंगा, जमुना सरस्वती ने आखिर पांच दिन में ही दुनिया को अलविदा कह दिया। गरीबी की वजह से पिता कामता उनका सही इलाज नहीं करा पाया। नौनिहाल तीन बच्चियों की मौत के सदमे में मां रोशनी अचेत हो गई। तीन बेटियों की मौत के बाद आखिर प्रशासन जागा। एसडीएम उसके घर पहुंचे और बीमार रोशनी को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया।पैलानी तहसील के अम्लोर गांव में कामता उर्फ गेंदा की 28 वर्षीय पत्नी रोशनी ने 31 मार्च को मेडिकल कॉलेज में सामान्य प्रसव के दौरान तीन पुत्रियों को एक साथ जन्म दिया था। मां ने तीनों बेटियों का नाम गंगा, जमुना, सरस्वती रखा था। तीनों बेटियों की जिंदगी बचाने के लिए अच्छे इलाज की जरूरत थी, पर गरीबी एवं लाचारी में पिता कामता हार गया और शनिवार को तीनों नौनिहाल बेटियों ने दुनिया छोड़ दिया। मां रोशनी के...