बदायूं, मई 29 -- साहित्य की दुनिया में अलग ही मुकाम हासिल करने वाले शायर बशीर बद्र दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन की खबर मिलते ही स्थानीय साहित्यकारों में शोक की लहर दौड़ गई। वजह है कि उनका बदायूं की सरजमीं से पुराना रिश्ता रहा और यहां वह समय-समय पर मुशायरों में शामिल होने आते थे। बदायूं क्लब के सचिव डॉ. अक्षत अशेष ने उनकी यादों को ताजा किया। उनके परिवार से काफी लगाव रहा, इसलिए परिवार में गमगीन माहौल देखने को मिला। डॉ. अक्षत अशेष ने बताया कि उनके पिता डॉ. उर्मिलेश शंखधार के निमंत्रण पर वर्ष 2002, 2003 और 2005 में बदायूं क्लब में आयोजित बदायूं महोत्सव में शायर बशीर बद्र आए थे। यह भी पढ़ें- अपनी यादों के उजाले हमारे साथ छोड़ गए बशीर बद्र उनके शेर लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियॉ जलाने में, जैसे अनगिनत शेर के चल...