लखीमपुरखीरी, मार्च 5 -- दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग की दक्षिण सोनारीपुर रेंज में स्थित प्रथम गैंडा पुनर्वास केंद्र में एक मादा गैंडे की बाघ के हमले से मौत हो गई। मारी गई मादा गैंडे की पहचान राजेश्वरी के रूप में हुई है। गुरुवार को उसका पोस्टमार्टम होगा। गैंडा पुनर्वास केंद्र की निगरानी टीम को यहां पानी में पड़ी गैंडे की लाश दिखाई दी। उसके ऊपर बैठा एक बाघ शव को नोच रहा था। यह घटना अमहा ताल में हुई है। दैनिक गैंडा मॉनिटरिंग टीम में महावत रामेश्वर, इरसाद, ब्रम्हादीन, अयूब, चाराकटर इश्तियाक, रियासुद्दीन, देशराज, सतीश व सफीक ने घटनाक्रम को कैमरे में कैद किया। यह टीम राजकीय हाथियों पर सवार थी। तालाब में आधे डूबे गैंडे के ऊपर एक बाघ दिखाई दिया। टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए निरीक्षण किया, जिसमें गैंडा के घातक घावों की पुष्टि हुई। शरीर में कोई हलचल ...
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