चंदौली, अप्रैल 28 -- शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के मसोई गाव मे आयोजन में कथा वाचन करते हुए पूज्य अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा करना ही भगवान की सच्ची सेवा है। अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचन में उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम द्वारा धनुष भंग, परशुराम और लक्ष्मण के संवाद तथा श्रीराम विवाह के प्रसंगों को अत्यंत रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जब विश्वामित्र ने श्रीराम के माध्यम से उत्तर भारत को दुष्ट शक्तियों से मुक्त कराया और ऋषि-मुनियों के यज्ञ निर्बाध रूप से संपन्न होने लगे, तब वे उन्हें जनकपुरी लेकर गए, जहां सीता स्वयंवर आयोजित था। यह भी पढ़ें- सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनकर भाव विह्वल हुए ...
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