दीन-दुखियों की सेवा को बताया सबसे बड़ी साधना
बागपत, जून 27 -- खेकड़ा। कस्बे के शांतिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर परिसर में रविवार को मुनिश्री अनुपम सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। दिनभर चले कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया। मुनिश्री अनुपम सागर महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल स्वयं का कल्याण नहीं, बल्कि दीन दुखियों और जरूरतमंदों की सेवा करना भी है। उन्होंने कहा कि सेवा, करुणा और त्याग ही जीवन को सही दिशा देने वाले सबसे बड़े गुण हैं। यदि व्यक्ति अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाता है तो उसका जीवन सार्थक बन जाता है। यह भी पढ़ें- मनुष्य को सच्ची आस्तिकता अपनानी चाहिए कार्यक्रम की शुरुआत प्रात: छह बजे श्रीजी के अभिषेक के साथ हुई। इसके बाद 1008 ...
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