नई दिल्ली, फरवरी 24 -- मुंबई। खुदरा ऋण का बकाया दिसंबर तिमाही में 18.1 प्रतिशत बढ़कर 162 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में तेजी, त्योहारी मांग और जीएसटी दरों में कटौती से कर्ज वितरण को बढ़ावा मिला। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। क्रेडिट सूचना कंपनी 'सीआरआईएफ हाई मार्क' की इस रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर, 2025 तिमाही के दौरान खुदरा ऋण में सबसे बड़ा हिस्सा रखने वाला आवासीय ऋण खंड 10.5 प्रतिशत बढ़कर 43 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, सोने के बदले कर्ज यानी स्वर्ण ऋण में 44.1 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई और इसका बकाया 16.2 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान व्यक्तिगत ऋण खंड का बकाया भी 11.6 प्रतिशत बढ़कर 15.9 लाख करोड़ रुपये हो गया।
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