नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- सुप्रीम कोर्ट ने प्रशिक्षण के दौरान गंभीर रूप से घायल होने या दिव्यांग होने के चलते सेवा से बाहर किए गए सैन्य प्रशिक्षुओं के कल्याण संबंधी निर्देशों का पालन करने विफल रहने पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 2015 की सभरवाल समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों पर सही मायने में दोबारा विचार नहीं किया गया।

सुनवाई के दौरान अदालत की टिप्पणियाँ जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, आर. महादेवन और डी.के. उपाध्याय की पीठ ने घायल या दिव्यांग होने पर सेवा से बाहर हुए सैन्य प्रशिक्षुओं की दुर्दशा से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। पीठ ने केंद्र की ओर से दाखिल हलफनामे पर कड़ी नाराजगी जताई। पीठ ने कहा कि 4 अगस्त, 2026 को जारी स्पष्ट निर्देशों के सभरवाल समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों पर सह...