बरेली, अप्रैल 27 -- जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान की तरफ से आयोजित दो दिवसीय सतत पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ। अंतिम दिन मुख्य वक्ता और संस्थान के अध्यक्ष प्रो. अमिताव मिश्रा ने दिव्यांग बच्चों से संबंधित नीतियों और कानूनी ढांचे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से ही दिव्यांगों को मुख्यधारा में लाया जा सकता है। केरल से आए डॉ. वरुण कुमार ने शीघ्र पहचान के लिए क्षमता विकास पर चर्चा की। अंत में सीकन कुमार सामंतराय ने सभी प्रतिभागियों से फीडबैक लिया l सभी प्रतिभागियों ने संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अमिताव मिश्रा से अनुरोध किया कि इस तरह क़े सीआरई प्रोग्राम हर तीन महीने में एक बार अवश्य कराया जाए l बदायूं के बेसिक शिक्षा विभाग से आए विशेष अध्यापक राजेश कुमार मौर्य ने कहा कि ...