मैनपुरी, मई 16 -- दिव्यांग किसान ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 4.39 लाख रुपये का ऋण लिया और उसे जमा भी कर दिया लेकिन बैंक के कर्मचारियों ने ऋण जमा होने के बाद भी दिव्यांग किसान को ऋण जमा करने के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। किसान की पत्नी का नाम भी ऋण के बकाया अभिलेखों में शामिल कर दिया गया। परेशान किसान तहसील समाधान दिवस पहुंचा तो एसडीएम ने 20 मिनट में उसकी समस्या का समाधान ही नहीं किया बल्कि उसे खतौनी भी उपलब्ध करवा दी। समस्या का समाधान हुआ तो पीड़ित के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उसने एसडीएम का आभार जताया। यह भी पढ़ें- सेवा में कमी पर बैंक पर लगाया जुर्माना मामला किशनी तहसील क्षेत्र के ग्राम चौकाना से जुड़ा है। यहां के निवासी एक पैर से दिव्यांग मानसिंह यादव अपनी पत्नी कृष्णा देवी के साथ शनिवार को शिकायती पत्र लेकर तहसील दिवस पहुंचे। दिव्यां...