गिरडीह, दिसम्बर 3 -- बगोदर। दिव्यांग शब्द सुनते ही लोगों के जेहन में जो तस्वीर उभरकर सामने आती है वह लाचार और बेबस इंसान की होती है, लेकिन बगोदर के दिव्यांग नीतीश कुमार उर्फ गोपू ने इसे झुठलाया है। बगोदर बाजार के रहनेवाले यह युवक न तो पढ़ा-लिखा है और न ही यह सुन पाता है और न ही बोल पाता है। बावजूद इसके आम इंसानों से इसमें ज्यादा समझ है। इनके कार्यों को देखकर कुछ ऐसा ही प्रतीत होता है। सामाजिक और धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने से लेकर ट्रैफिक जाम को हटाने जैसे कार्यों में लोगों का सहयोग करते इसे हमेशा देखा जाता है। इतना ही नहीं बाइक से लेकर कार भी सड़क पर बड़े ही आराम और बगैर लापरवाही के चलाता है। यहां तक की लापरवाही से ड्राइव करते किसी को देखने पर इशारे में वह उस व्यक्ति पर भड़क भी जाता है। गंभीर अवस्था में व्यक्ति को इलाज के ल...
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