लखनऊ, मई 17 -- लखनऊ। इलाहाबाद संग्रहालय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों के लिए स्थापित अनुभव वीथिका एवं विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय सिंह ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को केवल औपचारिक शिक्षा तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से सक्षम एवं रोजगारपरक बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने अनुभव वीथिका जैसी पहल को दिव्यांग बच्चों की समझ, अनुभवात्मक अधिगम तथा आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में अत्यंत सराहनीय बताया। बैठक में दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा तथा रोजगार से जोड़ने हेतु विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

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