गिरडीह, जून 27 -- बगोदर, प्रतिनिधि। दिव्यांगता शरीर की है हौसले की नहीं। यह साबित कर रहा है बगोदर प्रखंड के बेको पूर्वी पंचायत अंतर्गत भंडारटोला का कुलदीप महतो। दोनों पैरों से दिव्यांग कुलदीप रोज पकौड़े तलकर अपने चार सदस्यीय परिवार का पेट पाल रहा है। लेकिन अब वह आगे बढ़ना चाहता है। इसके लिए उसे सिर्फ सरकारी सहयोग की जरूरत है। कुलदीप बताते हैं कि मौसम ठीक रहा तो दिनभर में सौ-डेढ़ सौ रुपए का धंधा हो जाता है। इसी से पत्नी और दो बच्चों का खर्च चलता है। बारिश हो जाए तो एक पैसा नहीं बचता। फिर भी हार नहीं मानी है। वह दिव्यांगता को मात देने के लिए तैयार हैं, लेकिन साधन नहीं है। उनका सपना है धंधे का विस्तार करने का। चाहते हैं कि घूम-घूमकर ब्रेड, आइसक्रीम, दूध बेचें ताकि कमाई बढ़े और बच्चों को बेहतर भविष्य दे सकें। कुलदीप की सबसे बड़ी मांग सोलर स्क...