दिवाली की अगली सुबह सूप पीटने से क्या होता है? जानें दरिद्रता भगाने की ये अनोखी परंपरा
नई दिल्ली, नवम्बर 8 -- दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा, दीपदान और घर की सजावट तो आपने देखी होगी, लेकिन क्या आपने कभी दिवाली की अगली सुबह सूप पीटने की परंपरा के बारे में सुना है? बिहार और आसपास के कुछ इलाकों में यह रस्म आज भी निभाई जाती है। इसमें घर का कोई बुजुर्ग सुबह-सुबह सूप को डंडे से पीटते हुए 'दरिद्र भाग जा' कहता है। सुनने में यह परंपरा भले ही अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे गरीबी और अभाव को घर से दूर करने की प्रतीकात्मक भावना जुड़ी है। आइए जानते हैं इस अनोखी परंपरा का महत्व और इसके पीछे की मान्यता।दिवाली के बाद सुबह-सुबह क्यों पीटा जाता है सूप? बिहार के कई इलाकों में दिवाली की अगली सुबह सूर्योदय से पहले सूप पीटने की परंपरा निभाई जाती है। परिवार का कोई बुजुर्ग सूप और डंडा लेकर घर के अलग-अलग हिस्सों में जाता है और उसे पीटते हुए 'दरिद्र भाग जा...
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