मुंगेर, मई 31 -- मुंगेर। साहित्य प्रहरी की ओर से शिवगंज दरियापुर स्थित साहित्य प्रहरी के सचिव शिवनंदन सलिल के आवास पर एक शोक सभा का आयोजन यदुनंदन झा द्विज जी की अध्यक्षता में हुई। जिसमे दिवंगत शायर बशीर बद्र को श्रद्धांजलि दी गयी। इस अवसर पर कवि कुमार विजय गुप्त ने कहा कि बशीर बद्र को हिंदी और उर्दू दोनों जुबां के लोग काफी पसन्द करते थे। उनकी शायरी व्यावहारिक जीवन की तकरीर है। यह भी पढ़ें- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने ...बशीर बद्र की शायरी का महत्व ज्योति कुमार सिन्हा ने बशीर बद्र को जीवन का शायर बताया। गीतकार शिवनंदन सलिल ने उन्हें जिंदगी की अनुभूतियों का शायर बताते हुए कहा कि, उन्होंने शायरी को हुस्न और इश्क की दुनियां से निकल कर इंसान के दुख दर्द और जमाने के असली चेहरे को दिखाने का जरिया बनाया। अब्दुल्ला बुखारी ने कहा ...