प्रयागराज, मार्च 9 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के विरासत कला उत्सव की चौथी शाम भोजपुरी सुरों, लोकगीतों व देशभक्ति के तरानों से सराबोर हो उठी। भोजपुरी गायक मोहन राठौर ने 'सजा है संगम का कुम्भ मेला, प्रयाग तुमको बुला रहा है' और उसके बाद 'दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए' प्रस्तुति की तो श्रोता झूम उठे। गायक ने 'जो बीत गया वह दौर न आएगा', 'जिया हो बिहार के लाला', व 'जैसन सोचले रहनी वैसन धनिया मोर बानी' की प्रस्तुति से समां बांधा। भोजपुरी गायिका भावना सिंह ने शारदा सिन्हा के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने 'मगन अपनी धुन में रहे मोरा सैंया पग-पग लिए जाऊं तोहरे बलइयां' से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया तो 'रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे', 'कहे तोहसे सजना', 'पनिया के जहाज से पलटनिहा' व 'अइहा हो पिया लेल्हे ...